सिनेमा की तरह खतरे पैदा कर रहे है न्यूज़ चैनल
| 29 Jun 2019

जन उदय : क्या आप जानते है लोग ज्यादतर सिनेमा क्यों देखते है और एक ख़ास तरह का सिनेमा ?? सिनेमा को सपनो का सौदागर भी कहा गया है यानी आपके मन के अंदर के छिपे विचारों को को एक्सप्रेस करती है फिल्म , आप अमिताब को अपना हीरो मानते है उसके बात करने के तरीके को यानी आप कुछ वैसा ही व्यक्तित्व बनना चाहते है . और जो डायरेक्टर , प्रोडूसर इस मानसिकता को समझ फिल्म बनाता है वह सफल हो जाता है .
अब ठीक उसी तर्ज पर न्यूज़ चैनल काम कर रहे है दिन भर वीर रस में डरपोक , हिंसक परवर्ती के लोगो को पाकितान पर विजय प्राप्त करवाता है , चीन को झुका देता है भारत को विश्व गुरु बना देता है और उन जगहों को खोज निकालता है जहा पर भगवान रहता है .

इसके अलावा जब से देश में न्यूज़ चैनल की बाढ़ आई है और एक्सक्लूसिव खबर और टी आर पी की दौड़ में निष्पक्षता , इमानदारी तो छोडो ये लोग मानसिक विकृता की हद तक खबरों का प्रसारण कर रहे है इनकी भाषा , स्टाइल , देश में सिर्फ और सिफ उन्माद फैला रहे है , सुबह से लेकर रात तक भोंपू की तरह भोंकते रहते है . चाहे किसी भी तरह की घटना हो इनका नजिरया बहुत आतंकी , , आक्रामक होता है , चाहे गोआतंक हो ,भीमा कोरेगाव हो , बाबरी मस्जिद हो , तीन तलाक हो या कश्मीर मसला या पुलवामा ऐसा लगता है की ये आपके दिमाग में सिर्फ हिंसा भर देना चाहते है ऐसा लगता है की ये लोग दंगा करवाना चाहते है .

सच्चाई दिखाने की बात तो छोडो ये तो सुबह से शाम तक इस फिराक में लगे रहते है की किस तरह देश की जनता का ध्यान कैसे मुख्य मुद्दों से भटकाया जाए यानी आज शाम तक क्या क्या फ्रॉड देश की जनता से करना है ये दिन भर यही योजना बनाते रहते है . देश में फैली गरीबी भुखमरी बेरोजगारी को कोई तरजीह नहीं स्कूल , अस्पताल से कोई मतलब नहीं बस इन्हें तो हिंसा फैलानी है देश में हिन्दू मुस्लिम दंगा करवाना है .वो भी अपने आकाओं के फायदे के लिए .
मेरे कई मनोवैज्ञानिक कहते है की अपने बच्चो को न्यूज़ चैनल से दूर रखिये क्योकि इनका मकसद सिर्फ हिंसा फैलना है , ये आपके बच्चो के दिमाग में सिर्फ जहर घोल रहे है

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