फोर्टिस गुरुग्राम ने गोरखपुर में कैंसर के लिए रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के बारे में जागरुकता बढ़ाई
| 10 Oct 2019

गोरखपुर, अक्टूबर 10, 2019: फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, सिटी हॉस्पिटल और सानवी क्लिनिक, गोरखपुर के सहयोग से स्तन, सिर और गर्दन, सर्वाइकल और गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर की सर्जरी के लिए एक सुपर स्पेशलिटी ओपीडी चलाता है। फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सलाहकार, डॉक्टर आलोक तिवारी गोरखपुर में हर महीने के दूसरे शुक्रवार को ओपीडी का संचालन करते हैं। ओपीडी 2 स्थानों यानी कि सिटी हॉस्पिटल (मेडिकल कॉलेज रोड, मोगला) में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और सानवी हेल्थ केयर सेंटर (रेल विहार फेज 2, राप्तीनगर फेज 4) में दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक चालू रहती है।

डॉक्टर आलोक तिवारी ने बताया कि, “मैं गोरखपुर में एक साल से अधिक समय से ओपीडी चला रहा हूं। मैंने देखा है कि इस क्षेत्र में स्तन कैंसर, सिर और गर्दन के कैंसर, पित्ताशय का कैंसर और सरवाइकल कैंसर अधिक आम हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में रैडिकल क्यूरेटिव सर्जरी की आवश्यकता होती है। रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में प्रगति के साथ, सर्जरी करना बेहद आसान हो गया है और इसके परिणाम भी बेहतर हैं। पेट के कैंसर में हम रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करते हैं। ये सर्जरी इसलिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें मरीज को अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल जाती है, दर्द कम होता है, खून का बहाव कम होता है और यह एक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है, जिसमें एक छोटे चीरे से ही काम बन जाता है।”

कुछ कैंसरों के मामलों में रेडिकल सर्जरी की आवश्यकता होती है जो दर्दनाक हो सकती है। इसमें सर्जरी के बाद रिकवरी में ज्यादा समय लगता है। लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में हालिया तकनीकी विकास के साथ, सर्जरी में एक छोटे चीरे से ही काम बन जाता है, जिससे कम दर्द, मामूली निशान और अस्पताल से जल्द छुट्टी आदि जैसे फायदे मिलते हैं।

डॉक्टर आलोक तिवारी ने आगे बताया कि, “स्तन कैंसर अब महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में से एक है और गोरखपुर में हमने कई ऐसे मामलों का निदान किया है। स्तन कैंसर के मैनेजमेंट में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां स्तन को पूरी तरह से हटाने से लेकर सुडौल स्तन के लिए सर्जरी शामिल है। फोर्टिस अस्पताल में हम स्तन सर्जरी के साथ-साथ सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी भी करते हैं, ताकि रोगी को पूरा स्तन हटाने की जरूरत न हो। इसमें महिला के हांथ में सूजन भी नहीं आती है। हम प्राथमिक सर्जरी के समय रोगी को प्राथमिक स्तन पुनर्निर्माण या ऑन्को-प्लास्टिक प्रक्रियाओं के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।”

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम की जोनल निदेशक, डॉक्टर रितु गर्न ने बताया कि, “इस ओपीडी का मुख्य उद्देश्य गोरखपुर के लोगों के लिए हमारी अत्याधुनिक सेवाओं का विस्तार करना है। हमारे अनुभवी और योग्य डॉक्टर अपने क्षेत्रों में पहले ही पहचान बना चुकें हैं और अब उत्तर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की सेवा करना चाहते हैं। विश्व स्तरीय सेवाओं के जरिए अच्छी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए देश की अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा ओपीडी सेवा और संबंधित सुविधाएं एक और रोगी-केंद्रित कदम है।”