सिर्फ परीक्षा ,इंटरव्यू के समय क्यों भूल जाते है ,जीवन में असफलता और भयंकर बिमारी का संकेत है ये आदत : डॉ परिमल मिश्रा
| 06 Nov 2019

सवांदाता : भूलना कोई समान्य मानसिक समस्या है जो आगे चलकर एक भयंकर बिमारी का रूप ले सकती है .यह समस्या आपके जीवन को उलट कर रख सकती है , छात्रो , वकील डॉक्टर अकाउंटेंट और वो लोग जो सिर्फ दिमाग का कार्य करते है उनके लिए दिमाग का स्वस्थ होना और याददास्त का मजबूत होना बहुत जरूरी .

भारत के मशहूर आयुर्वेदाचार्य है डॉ. अशोक मिश्र का कहना है ,भूलने की समस्या अधिकतर तनाव , डिप्रेशन , चोट , शराब पीने , या नशा करने से होती है लेकिन आजकल इसका मुख्य कारण सही खान-पान और तनाव यानी स्ट्रेस बन गया है

एक अध्यन के मुताबिक़ हमारे जीवन में दिमाग का केवल १/८ पार्ट ही एक्टिव हो पाता है और भाषा सीखने के मामले में एक बहुत बड़ा बुद्दिजीवी भी पाने जीवन काल में मात्र एक हजार शब्दों का ही इस्तेमाल कर पाता है जिनको हम लॉन्ग टर्म और शोर्ट टर्म मेमोरी में बाँट सकते है , महान मनो-वैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड ने हमारे दिमाग को तीन भागो में बांटा है चेतन और अवचेतन और एक हिस्सा इनके बीच का जिसे सेमी- चेतन कहते है यह सेमी चेतन दिमाग जरूरत पढने पर हमारे दिमाग के अवचेतन मन से सूचनाओं को निकाल कर उसे चेतन दिमाग को देता है इस्तेमाल की लिए उद्धरण के लिए आपके घर की जमीन के पेपर आपको हमेशा याद नहीं लेकिन जैसे ही आप उन्हें याद करते है तो आपका सेमी चेतन माइंड याद करके आपके अवचेतन मन से उस सूचना से यानी उस स्थान के दिमाग को दे देता है

मशहूर मनोवैज्ञानिक कर्ट लेविन ने कहा आपने अपनी युवा अवस्था में प्रेम किया और नाकाम हो गए इसके बाद अपने पढ़ाई की शादी की बच्चे हुए और आप सब कुछ भूल गए , यहाँ पर आप भूले नहीं बल्कि वो यादे आपके अवचेतन दिमाग में चली गई , लेकिन अचानक पचास साल बाद आपने जैसे ही उसी लड़की या लड़के जैसे किसी व्यक्ति को देखा आपके दिमाग में हर बात ताजा हो जाति है यानी आपके दिमाग में सब कुछ था जिसे आप भूल गए थे लेकिन आपके अवचेतन दिमाग ने उसे आपको दे दिया

इसी तरह हम छात्रो की बात करते है छात्र जो भी पढ़ते है ध्यान से जो भी पढ़ते है वह सब कुछ उनके अवचेतन मन में चला जाता है और जैसे ही उनसे वही प्रश्न पूछा जाता है उन्हें उस सवाल का जवाब मिल जाता है
लेकिन कुछ छात्र , डॉक्टर , इंजिनियर या अन्य लोग तनाव से और अपनी आदतों की वजह से इतने ग्रसित होते है कि उन्हें याद करने में काफी दिक्कत आती है और ये ही होती है उनकी नाकामी की वजह

भारत में अब आयुर्वेदिक दवाइओ को क्लिनिकल टेस्टिंग के जरिये बनाया जा रहा है और इसका श्रेय जाता है गौपथ हेल्थकेयर को जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले नए नए शोध का इस्तेमाल कर एक ऐसा सिरप तैयार किया है जो आपकी याददास्त को मजबूत करता है दिमाग तेज करता है और इस सिरप का नाम है गौपथ स्मार्ट मेमोरी यह सिरप दिमाग के उन द्रव्य रसायन को जो याददास्त बढाने में साहयक होते है उनको बढाता .हिया जिसे हम आई जी ऍफ़ -२ और डी एच ए कहते .. याद रखना , भूलना , ये सब हमारे शरीर के रस्यानिक द्रव्यों पर निभर करता है , गौपथ स्मार्ट मेमोरी हमारे ब्रेन के सिस्टम में एकदम हारमनी डेवेलोप करता है यानी मष्तिष्क की सूचना को इस्तेमाल के लिए आपके मष्तिष्क को तैयार कर देता है

डॉ. मिश्रा ने बताया की गौपथ स्मार्ट मेमोरी की सबसे बड़ी ख़ास बात की इसको आर्गेनिक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियो से बनाया गया है यानी इस्तेमाल की गई जड़ी बूटियो को केमिकल वाले फ़र्टिलाइज़र या खाद से तैयार नहीं किया गया बल्कि ये १०० परसेंट ओर्ग्निनिक है यानी इन जडीबुटीयो को उगाने के लिए किसी भी केमिकल वाली खाद या फ़र्टिलाइज़र का इस्तेमाल नहीं किया गया

इस सिरप को बनाने वाली कम्पनी गौपथ हेल्थ केयर की निदेशक कु राज राजेश्वरी का मानना है यह सिरप बच्चो से लेकर सौ साल तक के लोगो के लिए है और इससे याददास्त को मजबूत होती है यह स्कूल कॉलेज के छात्रो के के लिए ये वरदान है यह दवाई अभी इनकी वेबसाइट www.gaupathhealthcare.com पर उपलब्ध है या इसे अमेजन से भी लिया जा सकता है जिसका लिंक यहाँ पर दिया जा रहा है

https://www.amazon.in/Gaupath-Smart-Memory-Syrup/dp/B07PK8SBBX