अनपढ़ मूर्खो का राजा है भगवा गैंग का कायर भोगोदा गुर्गा रामदेव
| 17 Nov 2019

जन उदय : जब से भगवा सरकार यानी भाजपा की सरकार आई है तब से गरीबी, बेरोजगारी ,महंगाई बढती जा रही है , देश पर आर्थिक संकट दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है , लेकिन इसके साथ गौआतंक , मोब लिंचिंग , हिन्दू- मुस्लिम बढ़ता ही जा रहा है , पुरे देश को दंगो की आग में जलाने के लिए बाबरी मस्जिद का फैसला भी गलत तरीके से लाया गया लेकिन फिर भी देश के लोगो ने सयम से काम लिया .

अब देश के भगवा गैंग जिसमे पाखंडी साधू-संतो की जमात के साथ ब्रह्मकुमारी , श्री श्री रविशंकर , और रामदेव जैसे लोगो की जमात ने दलित –मुस्लिम -पिछड़ा मूल निवासी के पूर्वजो , संतो और बुद्दिजीवियो को गाली देना शुरू कर दिया है जो की एक सोची समझ रणनीति का हिस्स हो सकती है यानी इन बयानों के जरिये देश में बवाल खड़ा करना है

रामदेव ने हाल ही में बाबा साहेब अम्बेडकर , पेरियार और समाजिक मूलनिवासी आंदोलनों को गाली दी है , कमाल की बात यह है की रामदेव जो खुद वैचारिक और बौधिक दिवालियापन का शिकार है खुद को देशभक्त बता है दरसल भगवा आतंकवाद का एक हिस्सा है

रामदेव को नहीं मालूम विज्ञान क्या है रिसर्च किया है बस जो मूह में आता है बक देता है रामदेव अकेले ही कहता है की भारत में आर्य आक्रमण नहीं हुआ जो की वैज्ञानिक रूप से गलत है , रामदेव यां नहीं जानता की एक नहीं हजारो शोध और डी एन ए टेस्टिंग यह साबित कर चुकी है की आर्य विदेशी है यानी इस देश का सवर्ण विदेशी है .
अगर हम वव्हार की दृष्टि से भी देखे तो भी यह साबित हो जाता है कि ये लोग यानी आर्य विदेशी है क्योकि कोई भी देशभक्त अपने ही देश के लोगो पर अत्याचार नहीं करता न ही समर्थन करता है लेकिन आर्यों ने तो धर्म रुपी ऐसे ऐसे ग्रन्थ मूलनिवासियो के खिलाफ लिख कर रखे है जिन्हें पढ़कर इंसानियत शर्मसार हो जाए , इन ग्रंथो में बाकायदा लिखा हुआ है की शुद्र को मारना चाहिए उनकी हत्या का पाप नहीं लगता उनकी सम्पति बलात छीन लेनी चाहिए , यह सब देख कर कोई भी आम इन्सान भी कह सकता है की ये किसी धर्म की किताबे नहीं हो सकती बल्कि षड्यंत्र के तहत ही लिखी गई है क्योकि अगर भगवान है तो वो ऐसे उपदेश कभी नहीं दे सकता

रही रामदेव की तो ये एक कोरा जाहिल , मुर्ख व्यक्ति है जो देशभक्ति के नाम पर देश की सम्पति को लूट रहा है इसने देशभक्ति के नाम पर लाखो एकड़ जमीन हडप ली है गरीब किसानो की यह ऐसा देशभक्त है जो सरकार को टैक्स नहीं देता यानी गरीबो के भोजन में सेना में देश के विकास में योगदान नहीं देता , स्कूल कॉलेज के नाम पर यह आर एस एस की भगवा विचारधारा को पोषित कर रहा है जहा पर देश और समाज को जाति और धर्म के नाम बांटने वाली शक्तिया ही पनपती है