जातिसूचक रागिनी विवाद में सपना चौधरी पर लटकी जेल जाने की तलवार।
| 11 Dec 2019

गुरुग्राम। हरियाणवी डांसर एवं रागिनी गायिका सपना चौधरी जातिसूचक रागिनी विवाद में बुरी तरह फंसती नजर अा रही हैं। सपना चौधरी ने फरवरी 2016 में गुड़गांव के चक्करपुर गांव में एक जातिसूचक रागिनी गाई थी। जिसमे दलित समाज के लिए अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस पर हरियाणा के दलित नेता निगाहें (एक नया बदलाव) और अखिल भारतीय भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने सपना चौधरी के खिलाफ गुरुग्राम के सेक्टर 29 थाने में एससी/ एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करा दी थी।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से सपना चौधरी को बड़ा झटका लगा है। सपना चौधरी ने गुरुग्राम में एससी/ एसटी एक्ट के तहत दर्ज केस को खारिज करने की मांग की थी। सपना चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस श्री अनिल खेत्रपाल ने कहा कि मामले में केस दर्ज है और केस खारिज करने का कोई आधार नहीं है। हाईकोर्ट ने सपना चौधरी की याचिका को खारिज कर दिया है। गुरुग्राम पुलिस की तरफ से पेश होकर एएसआई प्रेमचंद ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में पुलिस गुरुग्राम कोर्ट में चालान पेश करने की बजाय केंसेलशन रिपोर्ट पेश कर चुकी है। जिसपर शिकायतकर्ता नवाब सतपाल तंवर ने अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रोटेस्ट पिटिशन दाखिल की है। जिसे स्वीकार करते हुए जिला एवं सेशन जज श्री एके बिश्नोई की अदालत ने 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। सतपाल तंवर ने बताया कि सपना चौधरी के खिलाफ गुरुग्राम कोर्ट ने ट्रायल शुरू कर दिया है। इस मामले में वे सपना चौधरी को उचित सजा दिलाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश को सतपाल तंवर ने इसे दलित समाज की जीत बताया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सपना के सितारें एक बार फिर गर्दिश में अा सकते हैं। इस आदेश के बाद सपना को एससी/ एसटी में सजा होने की प्रबल संभावनाएं हैं। ऐसे में सपना चौधरी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब गिरफ्तारी से बचने के लिए सपना चौधरी ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। कड़ी मशक्कत के बाद डाक्टरों ने सपना चौधरी की जान को बचाया था। इस पर दिल्ली पुलिस ने सपना के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने का केस दर्ज किया था। सपना चौधरी को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस शिकायतकर्ता नवाब सतपाल तंवर के खिलाफ भी गुरुग्राम में दर्ज किया गया था। जिसे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद खारिज कर दिया गया था।

सतपाल तंवर पर सपना चौधरी को बदनाम करने और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप भी लगे थे। जिन्हें सतपाल तंवर ने सिरे से नकार दिया था और कहा था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए सपना मनघड़ंत कहानियां गढ़ रही है। सपना चौधरी और सतपाल तंवर के बीच यह जातिसूचक रागिनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपना चौधरी पर शिकायतकर्ता नवाब सतपाल तंवर पर जानलेवा हमले कराने के आरोप भी लगे थे और समझौता करने का दवाब बनाने के आरोप भी लगे थे। सपना चौधरी की दया याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर मामला सुर्खियों में है। आने वाली 20 दिसंबर को सपना चौधरी को गुरुग्राम अदालत में पेश होना पड़ सकता है। एससी/ एसटी एक्ट में दर्ज केस में सपना चौधरी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
Sapna Chaudhary may land in jail over castist remark ,