पुलवामा हमले की जांच क्यों नहीं , क्यों नहीं मिल रहा न्याय शहीद सैनिको को :Shri Jaiveer Shergill
| 14 Feb 2020


श्री जयवीर शेरगिल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा- नमस्कार! आज जब पुलवामा हमले को हुए एक वर्ष हो गया है, सुबह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दो बुनियादी प्रश्न उठाए थे। पहला प्रश्न कि किस प्रकार एक बड़े पैमाने पर और इतना बड़ा इंटेलीजेंस फेलियर हो गया इस देश में, जिसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी अभी तक केन्द्रीय सरकार तय नहीं कर पाई है। दूसरा जो विषय़ उठाया था कि भारतीय जनता पार्टी केवल सैनिकों के शौर्य का और बलिदान का उपयोग करना जानती है, भाजपा की ‘Use and throw policy’ है और किस प्रकार आज देश के शहीद के परिवार मदद की गुहार लगा रहे हैं पर इस गूँगी-बहरी सरकार पर उसका कोई असर नहीं हो रहा है।

जैसा कि उम्मीद थी, इस गूंगी-बहरी सरकार से, जिसे जवाबदेही और जिम्मेदारी से चिढ़ है कि देशवासियों के प्रश्न, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रश्नों कोई जवाब नहीं दिया गया, वही पुराने सड़े-गले पैतरे, तंज कसे गए, पर कोई प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया। उत्तर तो क्या एक बहुत ही दिल दहला देने वाला, आत्मा को झकझोर देने वाला एक सैनिकों के फंड से जुड़ा स्कैम इस देश के सामने रखने जा रहा हूँ।

कहते हैं, फौज ही तो है बुनियाद इस देश की सुरक्षा की, उनको भी भाजपा के जुमलों से ठगा जा रहा है। पुलवामा हमले से पहले भाजपा की केन्द्रीय सरकार ने एक ‘भारत के वीर’ फंड की स्थापना की। ताकि जो इस देश के बेटे, इस देश की सेवा में, इस देश की सुरक्षा में शहीद हो जाते हैं, उस फंड का पैसा उनके परिवारों को दिया जाए, ताकि उनके परिवार किसी मुश्किल दौर या कठिन समय का वो सामना कर पाएं। कि उनके बलिदान का जो ये देश ऋणी है, उनके बलिदान की कोई कीमत नहीं चुका सकता, पर ये फंड उनकी सहायता और सहूलियत के लिए स्थापित किया गया।

जब पुलवामा का हमला हुआ, उसके बाद इस फंड में देशवासियों ने देश प्रेम के लिए, सुरक्षा के लिए जो इज्जत-मान और आदर है, जो सुरक्षाबलों के लिए देश का प्रेम है, जो सुरक्षा बलों के लिए इज्जत ये देश उनको बख्शता है, उसके लिए उस ‘भारत के वीर’ फंड में चंदा 12 गुना बढ़ गया। दोहरा देता हूँ, पुलवामा हमले के बाद भारत के वीर फंड, जो गृहमंत्रालय का फंड है, जिसमें देशवासी पैसा डालते हैं सिपाहियों के लिए उसमें 12 गुना चंदा बढ़ गया क्योंकि देशवासी इस बात को जानते हैं कि उन शहीद सैनिकों के परिवारों को अब देशवासियों की सहायता की जरुरत है। तो भारत के वीर फंड में तकरीबन ढाई सौ करोड़ रुपए 18 जुलाई, 2019 तक इस इस फंड में था। इस फंड की खुद मीटिंग गृहमंत्री श्री अमित शाह करते हैं और ये सीधा होम मिनिस्ट्री के अंदर आता है।

इस भारत के वीर फंड में ढाई सौ करोड़ रुपया है। जैसा मैंने आपको सुबह बोला, जो 40 पुलवामा हमले में इस देश के बेटे शहीद हुए, उनके परिवारों के साथ जो वायदा किया था, किसी को 25 लाख और किसी को 50 लाख, उनको एक रुपया तक नहीं पहुँचा है। पहला उदाहरण मैंने आपको संजू देवी का दिया था, जो 24 साल की विधवा हैं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। दूसरा उदाहरण मैंने आपको कौशल कुमार रावत का दिया था, जिनकी पत्नी कह रही है, “चिता जलाने के वक्त तो सब पहुँच गए थे, फोटो सबने खिंचवाई, पर 25 लाख और सरकारी नौकरी और जो मुआवजा मिलना था, आज तक नहीं मिला”।

अब ऐसे और किस्से, दर्दनाक किस्से जो नजर के सामने आ रहे हैं कि केवल 1 या 2 लोग नहीं, अनेक परिवारों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ठगा है, वायदाखिलाफी की है। ये हरी सिंह हैं, अपने छोटे से बच्चे के साथ हरियाणा से। ये उनकी तस्वीर है, हरी सिंह की, (तस्वीर दिखाते हुए) पूरा देश मैं उम्मीद करता हूँ, इस देश का मीडिया साहस दिखाएगा केन्द्रीय सरकार को ये तस्वीर दिखाने के लिए। इस हरी सिंह ने इस देश के लिए पुलवामा में अपनी जान दी। 50 लाख रुपए इनको देने थे, इनके परिवार को देने का वायदा था, सरकारी नौकरी देने का वायदा था, मुआवजा देने का वायदा था, ताकि इस छोटे से बच्चे का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल रहे। पर उनको एक रुपया तक नहीं पहुँचा।

कौशल कुमार रावत और महेश यादव, ये उनकी तस्वीर है, जिन्होंने पुलवामा में, जो उत्तर प्रदेश से हैं, अपना बलिदान दे दिया। पर इनके परिवार को भी जो सरकारी मुआवजा, नौकरी नहीं मिला। भारत के वीर फंड में ठगी करके भारतीय जनता पार्टी ने भारत के वीरों को ठगा है। भारत के वीर फंड का दुरुपयोग करके भारत के वीरों को, सैनिकों के परिवारों को भारतीय जनता पार्टी ने ठगा है।

प्रश्न साफ है, जब देशवासियों ने, देशप्रेम में, सेना के प्रेम में इस फंड में ढाई सौ करोड़ रुपया डाला, तो उन 40 सैनिकों के परिवारों को आज तक एक रुपया क्यों नहीं मिला? भारतीय जनता पार्टी उत्तर दे, जो रोज फर्जी राष्ट्रवाद का ढोल बजाती है। चुनावी मंचो पर जाकर भारत माता की जय के अपने जो दिल से उनके खोखले नारे लगाती है। वो भारतीय जनता पार्टी, जो 45 सौ करोड़ रुपए इश्तेहारबाजी में खर्चती है। वो भारतीय जनता पार्टी, जो डेढ़ सौ करोड़ रुपए एसपीजी सिक्योरिटी में प्रधानमंत्री पर खर्च होता है। वो भारतीय जनता पार्टी जिसने देश का ऐसा कोई अखबार नहीं बचा, जिसमें इश्तेहार न छापा हो, उस भारतीय जनता पार्टी को उत्तर देना है, भारत के वीर फंड का ढाई सौ करोड़ रुपया किसकी जेब में गया?

भारत के वीर फंड है, उसकी एक अच्छी बात कि जो इसमें चंदा, योगदान डालेगा, चंदा देगा, फंड में देगा, उनको इंकम टैक्स से माफी मिल जाएगी, इंकम टैक्स से एक्जेम्पशन मिल जाएगी। तो भारत के वीर फंड का भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है, मुनाफा मेरा, नुकसान शहीद के परिवार का। भारतीय जनता पार्टी उत्तर दे तीन बातों का:-

पहला प्रश्न, भारत के वीर फंड, ढाई सौ करोड़ रुपए का एक भी रुपया 40 पुलवामा के शहीद परिवारों को अभी तक क्यों नहीं मिला?

दूसरा प्रश्न, भारत के वीर फंड का जो ढाई सौ करोड़ रुपया है, उसका दुरुपयोग कर किसकी जेब में ढाई सौ करोड़ रुपया जा रहा है?

तीसरा, जो मांग है भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की और उन सभी देशवासियों से खासकर जिन्होंने भारत के वीर फंड में फंड डाला, भारतीय जनता पार्टी हिसाब से, जवाब दे कि भारत के वीर फंड का ढाई सौ करोड़ रुपया किस काम के लिए उपयोग हो रहा है अगर वो देश की सेना की जेब में नहीं जा रहा?

जैसा कि मैंने कहा पहले, पहले भारतीय जनता पार्टी ने देश के युवा को ठगा, भारतीय जनता पार्टी ने इस देश के किसान को ठगा, भारतीय जनता पार्टी ने इस देश के छोटे और मध्यम व्यापारी को ठगा, भारतीय जनता पार्टी ने इस देश की महिलाओँ को ठगा, अब भारतीय जनता पार्टी सैनिकों को भी और जो शहीद सैनिक हैं, उनको परिवारों को भी ठगने का काम कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी थोड़ी शर्म करो, इन सैनिकों के परिवारों की अगर हाय लगी, तो इस देश को जो आपका शर्म से झुक जाना चाहिए, उसका जवाब दीजिए और हिसाब दीजिए।