अम्बिका अपार्टमेंट्स नॉएडा सेक्टर ६२ के झूठे झांसे और फर्ज़ीवाड़ा , फंसे ग्राहकों का दुःख कोई नहीं सुनता
| 19 Feb 2020

अम्बिका अपार्टमेंट्स नॉएडा सेक्टर ६२ के झूठे झांसे और फर्ज़ीवाड़ा , फंसे ग्राहकों का दुःख कोई नहीं सुनता
जन उदय : बिल्डर अपार्टमेंट हो या कोई लोकल बिल्डर फ्लैट , अक्सर तकनिकी जानकारी के अभाव में ग्राहक बिल्डर के बिछाए जाल में फंस जाते है और जब तक सच्चाई सामने आती है तबतक ग्राहक अपने जीवन की जमा पूंजी गवा चुका होता है , ऐसे में ग्राहकों को चाहिए कि उन तमाम जानकारी को अपने पास रखे ताकि उनके साथ फ्रॉड न हो सके ,
नॉएडा के अम्बिका अपार्टमेंट का एक ऐसा ही केस सामने आया है जिसमे ग्राहक अपने आपको काफी ठगा हुआ महसूस कर रहे है , इसलिए अम्बिका अपार्टमेंट्स में खरीदने वाले फ्लैट मालिक कृपया इन कानूनी बिन्दुओ पर ध्यान दे:-
हमलोग बिल्डर्स के झूठे झांसे और फर्ज़ीवाड़ा के शिकार हो चुके है।
कृपया आप सब इनसे नीचे लिखे डॉक्युमेंट्स जरूर माँगे, मुझे पूरा विश्वास है ये नीचे दिये A.B.C.D.E.F.G की लिस्ट आपको नही दिया जाएगा क्योंकि आप सब शिकार हो चुके है।

ये डॉक्यूमेंटन्स मांगे

A.पार्टनरशिप डीड ऑफ अम्बिका इंजीनियर क्योकि इसमे बेचने वाले मालिक की संख्या 4 है और रजिस्ट्री के पेपर पर दस्तखत यानी sign एक अरविंद राठौर जी का है।
B.पार्टनरशिप नियम के अनुसार रजिस्टरी पर कंपनी का स्टाम्प लगाना, सभी पार्ट्नर का sign होना कानूनन नियम है , mandatory प्रोविजन है अथवा कोर्ट में ये डॉक्युमर्ट्स इनवैलिड हो जाएगी।
C.RERA CERTIFICATE मांगे।
D.बिल्डिंग का APPROVED नक्शा माँगे।
E.साइट प्लान जरूर मांगे
F.निगम के द्वारा 3 फ्लोर तोड़ने की नोटिस 15 सितंबर को पुनः मिली है ये माँगे।
G.बिल्डिंग में खरीदे गए फ्लेट का एरिया जो कहि गई थी वो लिखित में माँगे।
अगर उपयुक्त डॉक्यूमेंटन्स नही दी जाती है तो आप समझे हम सब फर्ज़ीवाड़ा व ठगी के शिकार हुए है।
चलिए 13 महीने पहले आपको इस बिल्डिंग के रूप रेखा,बिल्डर्स के वादे और झूठ से रूबरू आप सबको भी कराते है ताकि आप सब सतर्क रहें।

हम कुछ लोग जनवरी 2019 में शिफ्ट करनेवालो में से है और उस वक्त बिल्डर्स यानी राठौर जी ने जितने भी वादे किए गए आज तक एक भी पूरा नही किया गया बल्कि बारी- बारी से सबके साथ धोखाधड़ी की गई।
ये कहा गया हमने कोई लिखित दिया था तो दिखाए क्योकि लिखित किसी को भी नही दिया जाता है।

क्या आपसे भी ये सभी बाते झूठ बोली गई:-
झूठ No1 : जब हमलोग सबसे पहले जनवरी में आये तो रमेश सिंह जी और राठौर जी ने 24 फ्लैट बेचने की बात की थी ऒर 15 दिनों के अंदर सभी फैमिली शिफ्ट करेगी।ऐसा बोलकर हमे कुछ फैमिली शिफ्ट कराया गया था
परंतु सच्चाई ये थी कि तब कोई भी फ्लेट नही बिका था। कोई भी बिडिंग में रहता नही था ।लोग- बाग़ देखकर भूत -बंगला समझ कर नही आते थे इसलिए सिर्फ किसी तरीके से शिफ्ट कराकर फ्लैट बेचना चाहते थे और ऐसा ही हुआ।
झूठ no 2:- अम्बिका अपार्टमेंट्स RERA से approved है RERA के फ़र्ज़ी दस्तावेज को दिखाया गया था जो कि फ़र्ज़ी निकल गई । सच समझकर हमसब यहां फंसे है और इस इलाके में कीमत से ज्यादा पैसे देकर फ्लैट ले लिया। ये नोटिस मिलने के बाद और बैक के कर्मचारियों ने बताया जब इसकी जांच हुई तो बहुत अफसोस हुआ।
परंतु जब इसकी जांच की गई तो RERA के किसी मानक को बिल्डर्स पूरा नही किया । यहां तक कि अथॉरिटी में कोई भी डॉक्यूमेंट, कागज,नक्सा, DETAIL PROOF जमा नही की गई और RERA का डिफाल्टर के लिस्ट में है औऱ सभी claim फर्जी साबित हो चुकी है। इसपर 5 करोड़ की पेनाल्टी इम्पोज्ड है और 5th,6th और रूफ वाली फ्लोर को demolished करने यानी तोड़ने की कानूनी नोटिस मिल चुकी है। कभी भी 3 फ्लोर उपड से बुलडोज़र लगाकर निगम तोड़ सकती है।
झूठ no 3:- फ्लैट खरीदने के समय GDA से नक्शा APPROVED होने की बात की गई थी ।
परंतु सच्चाई ये सामने आ चुकी है नक्शा Approved ही नही है बल्कि नगरनिगम ने 3 फ्लोर तोड़ने के लिए नोटिस दे चुकी है जो पैसे देकर यानी रिश्वत देकर किसी तरह 2 वर्षो के लिए रोकवाया गया है। इसकी जानकारी समाचार पत्रों से और अथॉरिटी से मिली है।जब इसकी जांच ब्यक्तिगत तौर पर की गई।

झूठ NO 4:- फ्लैट के बराबर में 10 फ़ीट रोड छोड़नी थी जिसमे ट्रांसफॉर्मर लगाना था ये कमिटमेंट हमलोगों से हुई थी ये लिखित में किसी को नही दिया गया जब भी मांगा गया विश्वाश करने की अपील करते रहे।
परंतु 10 महीने बाद राठौर जी झूठ बोल गए कि ऐसा नही बोला था और इस बिल्डिंग के प्रमुख द्वार पर ट्रांसफार्मर लगाकर गेट को बंद कर दिया गया।

झूठ no 5: इस फ्लैट में बीच मे मुख्य द्वार था बीच से कार की एंट्री और दोनों तरफ एक्जिट की गेट थी।
परंतु मुख्य द्वार पर ट्रांसफार्मर लगा दी गई और गेट सदा के लिये बन्द कर दिया गया।दूसरी साइड की एग्जिट गेट पर गार्ड रूम बना दी गई।आप देख रहे होंगे ।
झूठ No 6 3 गेट पर 3 गार्ड रखने की बात कही गई थी और इसके लिए 30,000 रुपये सभी से लिये गए कि जबतक सोसाइटी को हैंडओवर नही करते बिल्डर maintenance देखेगा औऱ इसका पैसा लगभग सभी से लिया गया परंतु आज 13 महीने बाद भी कोई गार्ड नही रखा गया न कोई वादा पूरा किया जा रहा है न ही किसी को लिखित में दिया जाता है।
झूठ no 7:- जब मैं शिफ्ट किया था तो 3 दिनों के अंदर लिफ्ट चलाने का वादा किया गया था पर सच्चाई ये है आज 13 महीने बाद भी लिफ्ट नही चल रही है।
झूठ No 8:- झांसे में या भरोसे में लेकर एडवोकेट प्रमोद कुमार फ्लेट no 110 से cash Rs 5 लाख लिया गया ये कहकर की कल agreement बनेगी तो उसमें लिख कर दे देंगे आपको इसकी Receiving दे देंगे पर अब तक लिखित में देने से इंकार करते है
झूठ no 9:- किसी को भी पार्किंग,फ्लेट का तय एरिया,सफाई की जिम्मेदारी ,2 या 3 गार्ड रखने की .. आदि की लिखित में कोई एविडेंस नही दिया जाता है ।जबकि पैसा शुरू में ही ले ली जाती है।सभी फ्लेट का एरिया Rs 2510 SQF के 100 SQF बढ़ाकर वसूली की गई है जबकि एरिया कम होता है इस तरह से 2लाख 50 हज़ार फ़र्ज़ी तरीके से लिया गया है जबकि जबकि एरिया रजिस्ट्री में कम दिखाई जाती है और 1175 वाले कि रजिस्टरी में 1080 SQF ऐसे ही सभी लोग शिकार हुए है।

झूठ no 10: वाटर प्यूरी फायर जनवरी 2019 में लगानी थी जो आज तक नही लगाया गया।
परंतु आज तक नही लगी।
झूठ no11: पार्किंग की टोटल 16 कार और 200 बाइक के लिए हैपरंतु सच्चाई ये है की सभी से जिन्होंने 2 bhk लिया है पार्किंग के लिए पैसा किसी से 2 लाख किसी से 3 लाख मांगी जा रही है।
जबकि अबतक किसी को भी रजिस्ट्री में mentioned नही की गई है ।बाद में आपस में लड़ाई होगी पार्किंग को लेकर।*
झूठ no 12:- ये लोग किसी को भी लिखित नही देता है सबको बेफकूफ बनाया जाता है मीठी मीठी बात करके उलझाये रखी जाती है जबतक आपका पैसा आ नही जाता।
झूठ no 13: ऐसा ये बोलते है cash only for booking Amount Rs 51,000 परंतु सच है सबसे cash की डिमांड की जाती है और फ्लैट का एरिया बाद में एसी ग्राउंड पर कम दिखाने की गलत दलील देकर बेवकूफ बनाई जाती है।
झूठ no 14:- जब आप के पैसे आ जाते है और कोई शिकायत करते है तो राठौर जी का ये ट्रिक है भाई साहब पसंद नही तो पैसे लेकर जा सकते हो परंतु सच है किसी के पैसे वापिस नही करते और आपसे फेक डॉकमेंट्स चुपके से sign करवा लिया जाता है?
झूठ no 15:- फ्लैट का एरिया में घोटाला, डॉक्युमर्ट्स का कोई प्रूफ नही दिया जाना, सर्विसेज का नही दिए जाना, झूठ की खेती करना, बेवकूफ बनाकर फ्लैट बेचना ,अपने को जरूरत से ज्यादा समझदार समझना ये रमेश और राठौर जी का पेशा है ।आपलोग झांसे में न आये और किसी को भी ref नही दे अन्यथा बाद में आपका संबंध खराब होगा
नोट:-महत्वपूर्ण कानूनी सलाह अम्बिका इंजीनियर एक पार्टनरशिप फर्म है जिसमे 4 पार्टनर है ऐसी परिस्थितियों में फर्म के नियम के हिसाब से 4 पार्टनर्स के signnature होना कानूनी प्रावधान है और फर्म की स्टाम्प लगानी होती है आप जिनकी रजिस्टरी हुई है क्या सभी पार्टनर के sign है अगर है तो ठीक है अगर नही तो पुनः रजिस्ट्री करनी होगी! एडवोकेट प्रमोद कुमार फ्लैट 110 के द्वारा जब बिल्डर्स से उपायुक्त दस्तावेज की मांग की गई तो देने तो तो दूर दिखाने से भी इंकार कर दिया गया। उपड के ABCDEFG डॉक्यूमेंट मांगने पर आजतक नही दी गई जो doubt में देखी जा रही है। आप सभी लोग कंपनी का Deed, ऑथिरिटी लेटर, पार्टनरशिप की कॉपी, पार्टनर के मोबाइल no और प्रूफ, रेरा सर्टिफिकेट, नक्शा आदि मांगे अगर नही दी जाती है तो जरूर सोंचे आखिर क्यों?