सभी मानसिक रोगों से छुटकारे की दवा है ध्यान
| 23 Feb 2020

जन उदय : आपको चाहे जितनी भी मानसिक समस्या है अगर अप्पको ध्यान लगाना आता है तो समझ लीजिये आपको हर प्रकार के मानसिक रोग से छुटकारा मिल जाएगा , चाहे वह डिप्रेशन हो , तनाव , चिंता हो या कुंठा आपको बस ध्यान लागाने की प्रैक्टिस करनी होगी .

भारत में ध्यान लगाना की शुरुआत गौतम बुध से होती है , कुछ लोग ध्यान , समाधि को प्राचीन समय के ऋषि मुनिओ से जोड़ते है लेकिन इतिहास का सही अवलोकन किया जाए तो गौतम बुध से पहले ध्यान ,था ही नहीं
एक बार गौतम बुध से एक व्यापारी मिलने आया उसने गौतम बुध की बहुत ख्याति सुनी थी सो चल कर आ गया उसने बुध से पूछा मै शांत नहीं रहता हमेशा तनाव में रहता हूँ दिन रात अपने जीवन और व्यापार को लेकर चिंता रहती है मै कैसे इन सब चीजो से छुटकारा पायु , गौतम बुध ने कहा ध्यान लगाओ तो व्यापारी ने पूछा कैसे ध्यान लगाऊ ?? तो गौतम बुध ने कहा ध्यान का रास्ता है मौन रहना , तो इस पर व्यापारी ने कहा हम मौन कैसे रह सकते है तो गौतम बुध ने कहा ध्यान के राश्ते

गौतम बुध ने कहा दरअसल हम मौन रह कर भी मौन नहीं रहते अपने अंदर अपने ही विचारों से लड़ते रहते है , अंदर ही अंदर गाली देते है गुस्सा होते है प्रसन्न हो जाते है , खिन्न हो जाते है और यही कारण होता है हम ध्यान नहीं लगा पाते , अगर आप मौन रह सकते है और अपने विचारों को शांत कर सकते है तब आप ध्यान लगा सकते है और जब आप ध्यान लगा पाते है और जब आप ध्यान लगा लेते है तब आप सभी चिंता , कुंठा , तनाव , अवसाद से दूर हो जाते है .
आज मेडिकल साइंस ने ध्यान , और मौन की महत्वता को माना है और रंग बिरंगे साधू , गुरु लोगो को ध्यान और मौन का अंट शंट इतिहास बता कर न सिर्फ गुमराह करते है बल्कि उनको वहा तक नहीं पुहुचने नहीं देते जहा उन्हें जाना है
रामदेव , रवि शंकर और अन्य ऐसे ही लोग योग की शिक्षा देते है और कहते है की योग भारत में पांच हजार साल पुराना है जबकि यह केवल बुध और महावीर काल से ही शुरू है

देश ही नहीं दुनिया के मनोवैज्ञानिक आज बुध के ध्यान और मौन को एक बहुत बड़ा इलाज मानते है मानसिक रोगों में , जिन्हें अवसाद रहता है मेडिकल डॉक्टर शुरू में उसे सिर्फ ऐसी दवाई देते है जिससे वह ज्यादा से ज्यादा सोता रहे और इस कारण उसके शरीर और मन की शान्ति को ही अपनी विजय मान लेते है , जबकि अगर जबतक अपने अंदर हर प्रकार के विचारों से लड़ने की शक्ति नहीं जुटा लेते तब तक सारी दवाई बेकार है और ये सब गौतम बुध के ध्यान और मौन साधना से एकदम संभव है