"लाखो छात्र परेशान" ,,गैर जिम्मेदार असवेदंशील विद्वानों और प्रशासको की एक संस्था है सी बी एस ई : इन्हें खुद जरूरत है ट्रेनिंग की
| 24 Feb 2020

जन उदय : निन्यानवे नम्बर वाला योग्य और तिरानवे नम्बर वाला बेवकूफ और पचहतर वाला मुर्ख ये कलाकारी केवल और केवल एक धूर्त प्रशासन , और कुबुधि वाले लोग ही कर सकते है , भला इन बातो से कैसे साबित होगा की ७५ % वाले को ज्ञान नहीं है

सी बी एस ई ऐसी ही कुछ कुवाव्स्थाओ का नाम है हाल ही में दसवी और बारहवी के एग्जाम चल रहे है लेकिन हॉल टिकेट में एक शर्त रखी गई है कि प्राथी को स्कूल से अपना हाल टिकेट attest करा कर लाना है , कमाल की बात यह है कि वैसे छात्र जो स्कूल छोड़ चुके है उनके हाल टिकट को स्कूल प्रिंसिपल इन बच्चो के हाल टिकट attest नही कर रहे है जिसके कारण भुत सारे बच्चो को ठीक परीक्षा से पहले और परीक्षा के समय काफी तनाव हो रहा है .
जन उदय ने जब सी बी एस ई अधिकारिओ से ये पूछा तो वो इस विषय में बात करने के लिए ही तैयार नहीं थे बार बार जोर देने पर चेयरपर्सन के ऑफिस से पता चला की इन्होने सभी स्कूलों को ये कहा हुआ है की बिना attest किये हाल टिकट के छात्रो को परीक्षा में बैठने दिया जाए , लेकिन attest कराना जरूर होगा , अब इन अधिकारिओ से पूछा जाए की जब स्कूल अत्तेस्त करने के लिए तैयार ही नहीं है तो अत्तेस्त होगा कैसे ???

ऐसी सिर्फ एक बात नहीं है की जब सी बी एस ई ने ऐसे रूल बनाए जहा पर बच्चो का भविष्य दाव पर लग जाए , सी टेट अपने आपमें एक अभूत बढ़ा षड्यंत्र है जिसमे उन बी.एड और एम्. एड प्राथियो को बाहर करना है जो रोजगार की लाइन में लगे है हलांकि क्वालिटी पर्पस से कुछ इंतजाम किये जा सकते है लेकिन योग्यता मापने का तरीका बढ़ा ही विषमयकारी है , ऐसा लगता है सबसे पहले सी बी एस ई के ऐसे अधिकारिओ को ही ट्रेनिंग की अवस्य्त्कता जहा इन्हें प्रशासनिक , तकनिकी और शेक्षिक ट्रेनिंग दी जाए