62 फीसदी प्रिंसिपल एडहोक पर हैं और 48 फीसदी स्कूलों में टीचर नहीं है दिल्ली में : मीनाक्षी लेखी
| 25 Feb 2020

जन उदय : सवाददाता 62 फीसदी प्रिंसिपल एडहोक पर हैं और 48 फीसदी स्कूलों में टीचर नहीं है वैसे में क्या शिक्षा दी जाती होगी आप अनुमान लगा सकते हैं। इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के द्वारा आयोजित सेकेंड नेशनल एजुकेशन एक्सलैंट कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज दिल्ली में शिक्षा के स्तर को पता लगाया जा सकता है जहां प्रीसिंपल और टीचर की कमी हो तो एजुकेशन कैसे पूरा किया जा सकता है। केवल कमरे बना कर कुछ हासिल नहीं किया जा सकता है।

यह भी तय है कि इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है लेकिन शिक्षा के विकास के लिए प्रीसिंपल और टीचर अहमियत रखते हैं। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज कहा जा रहा है कि कई इलाके पढ़ाई में पिछड़े हैं तो इसका यह मतलब भी है कि वह क्षेत्र आर्थिक रूप से भी पिछड़ा है।

जिसे आगे लाने के लिए केंद्र सरकार प्राइमरी जरूरतों को पूरा कर रही है। सरकार ने शिक्षा को तेजी से आगे बढाने के लिए कई तरह के बदलाव किए हैं। इस मौके पर मीनाक्षी लेखी ने कहा आज भी देशी शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है जिससे हमारा आधार मजबूत हो।

मीनाक्षी लेखी ने सीईजीआर के द्वारा आयोजित इंडियन एजुकेशन फेस्टिवल के मैगजीन का लोकार्पण भी किया। इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के द्वारा आयोजित इस खास कांक्लेव को संबोधित करते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडेशन के चेयरमैन प्रो के के अग्रवाल ने कहा कि आज शिक्षा में गुणवत्ता लाने की जरूरत है जिसकी आज आवश्यकता है। चाहें वह प्राइवेट या सरकारी क्षेत्र की हो।

पुराने जमाने में कोई रेगुलेटर एथोरिटी नहीं होती थी लेकिन शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा होता था। शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर कुंवर विजेंद्र शेखर ने कहा कि आज रूलर एरिया में शिक्षा के विस्तार की जरूरत है जिसके लिए यूनिवर्सिटी को नहीं सरकार को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। इसका समर्थन करते हुए आईआईएचएमआर के वाइस चांसलर प्रो, पंकज गुप्ता ने कहा कि आज इसकी जरूरत है जिसपर हमसब को मिलकर कार्य करना होगा। इस मौके पर एआईसीटीई के एडवाइजर प्रो. आर हरिहरन ने कहा कि एआईसीटीई ने कई कदम उठाए हैं जिसका आज प्रतिफर देखने को मिल रहा है।

अब जब नई शिक्षा नीति आ रही है ऐसे में कई बदलाव भी आपको दिखेगे। इस मौके पर सीबीसीई के डायरेक्टर विश्वजीत साहा एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ संदीप मारवाह आईईसी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अभय कुमार, हिमालयन ग्रेवाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एनके सिन्हा कैपिटल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो एमके वाजपेयी, प्रेसटिज ग्रुप ऑफ इंड्रस्ट्रीज डॉ डैविस जैन, सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ संजय बी चौरडिया, एएसएम ग्रुप ऑफ इंस्ट्रीट्यूट के चेयरमैन डॉ संदीप पंचपांडे, स्प्रींगर नेचर के एमडी संजीव गोस्वामी, जीएलबजाज के डायरेक्टर प्रो. अजय कुमार ने कांक्लेव को संबोधित किया। इस मौके पर देश भर के विद्वजन ने अपने विचार रखे और मुख्य अतिथि से कौतूहल भर प्रश्नों का जवाब भी जाना।