भीम सेना पर बढ़ी हाईकोर्ट की बंदिशे। नहीं मिली जमानत। बुधवार को होगी दोबारा सुनवाई। सतपाल तंवर की धमकी जमानत दो वरना हाईकोर्ट के जज का पुतला फुकेंगे।
| 25 Feb 2020

भीम सेना पर बढ़ी हाईकोर्ट की बंदिशे। नहीं मिली जमानत। बुधवार को होगी दोबारा सुनवाई। सतपाल तंवर की धमकी जमानत दो वरना हाईकोर्ट के जज का पुतला फुकेंगे।

गुरुग्राम। अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में 2 अप्रैल 2018 को किया गया भारत बंद अखिल भारतीय भीम सेना के गले की फांस बनता जा रहा है। गुरुग्राम में दर्ज मामले में भीम सेना के पदाधिकारियों पर चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने सख्ती बढ़ा दी है।
पुलिस द्वारा भीम सेना के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम सेना राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर मुख्य आरोपी हैं। इनपर हजारों भीम सैनिकों के साथ मिलकर गुरुग्राम का राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में हाईवे एक्ट भी लगाया है। जिसमें 5 साल की सजा का प्रावधान है जोकि गैरजमानती है। मंगलवार को कोर्ट ने भीम सेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर और अनिल तंवर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। भीम सेना कानून व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। हाईकोर्ट के जज सुदीप आहूवालिया ने कहा कि यदि भीम सेना के पदाधिकारी यह शपथ-पत्र देते हैं कि भविष्य में वे किसी भी मुद्दे पर कभी प्रदर्शन नहीं करेंगे तभी जमानत मिलेगी अन्यथा वे आत्मसमर्पण करें और कोर्ट को सूचित करें। जिसपर भीम सेना के पदाधिकारियों ने वही पुराना जवाब दिया है कि प्रदर्शन करना उनका मौलिक अधिकार है जिसे हाईकोर्ट तो क्या सुप्रीम कोर्ट भी नहीं छीन सकता। वे किसी भी सूरत में शपथ-पत्र नहीं देंगे। पिछले सप्ताह भी भीम सेना के पदाधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी और शपथ-पत्र देने के नाम पर ही हंगामा खड़ा हो गया था। मंगलवार को भी सुनवाई करते हुए जज सुदीप आहूवालिया ने शपथ-पत्र मांगा। लेकिन ना तो आरोपितों को जमानत दी और ना ही याचिका को खारिज किया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि जज सुदीप आहूवालिया इंतजार कर रहे हैं कि जल्द पुलिस भीम सेना के पदाधिकारियों को गिरफ्तार करे और उनके कोर्ट से इसका पीछा छूटे। इसीलिए शायद जज सुदीप आहूवालिया ने ना जमानत दी और ना ही याचिका को खारिज किया। जबकि अगले ही दिन 26 फरवरी बुधवार को सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है। वहीं हाईकोर्ट की इस लेटलतीफी और संवैधानिक नियमों का पालन ना करने से भड़के भीम सेना चीफ़ नवाब सतपाल तंवर ने धमकी दी है कि यदि जज सुदीप आहूवालिया ने बुधवार को जमानत नहीं दी तो वे उनका पुतला फूंक कर रोष जाहिर करेंगे। इससे पहले भारत बंद में भीम सेना सुप्रीम कोर्ट के जजों का भी पुतला फूंक चुकी है। ऐसा इतिहास में पहली बार है कि उच्च न्यायिक व्यवस्था हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के पुतले फूंके जा रहे हैं। तंवर का कहना है कि जज सुदीप आहूवालिया सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं वे प्रदर्शन करने के हमारे मौलिक अधिकार को शपथ-पत्र के रू